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Monday, June 7, 2021

What is difference between RAM and ROM - रेम और रोम में क्या अंतर है।

क्या आप जानते हैं RAM और ROM में क्या अंतर है?

हेलो दोस्तों,

तेजकमल कम्प्यूटर्स ब्लॉग में आपका स्वागत है। हमसे अक्सर कंप्यूटर के अंतर्गत एक सवाल पूछा जाता है की कंप्यूटर के अंदर रेम (RAM) और रोम(ROM) क्या होती है ?  ये कितने प्रकार की होती है ? और इनका उपयोग क्या है कंप्यूटर के अंदर, तो आइये जानते है-

कंप्‍यूटर की संरचना के अनुसार मेमोरी (Memory) कंप्यूटर का वह भाग है जो यूजर द्वारा इनपुट किये डाटा और प्रोसेस डाटा को संगृहीत करती है, मेमोरी (Memory) में डाटा, सूचना, एवं प्रोग्राम प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहते है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध रहते है । इसे प्राइमरी मेमोरी (Primary Memory) या मुख्य मेमोरी भी कहते हैं,  प्राइमरी मेमोरी (Primary Memory) दो प्रकार की होती है रैम (RAM) यानि Random Access Memory और रोम (ROM) यानि Read Only Memory यहां हम रैम यानि Random Access Memory के बारे में जानने वाले हैं !





RAM क्या है (Random Access Memory)

इस मेमोरी (Memory) को कम्प्‍यूटर की अस्‍थाई मेमोरी भी कहते हैं, इसमें कोई भी डाटा स्‍टोर नहीं रहता है, जब तक कंप्‍यूटर ऑन रहता है तब तक रैम में डाटा या प्रोग्राम अस्थाई रूप से संगृहीत रहता है, और कंप्‍यूटर प्रोसेसर आवश्‍यक डाटा प्राप्‍त करने के लिये इस डेटा का उपयोग करता है और जैसे ही आप कंप्‍यूटर शट डाउन करते हैं वैसे ही सारा डाटा डिलीट हो जाता है । इस रैम को (Volatile Memory) भी कहते हैं ।

 

रैम (RAM) कितने प्रकार की होती है ?

रैम तीन प्रकार की होती है -

(1) डायनेमिक रैम (Dynamic RAM)

(2) सिंक्रोनस रैम (Synchronous RAM)

(3) स्‍टैटिक रैम (Static RAM)


1- डायनेमिक रैम (Dynamic RAM)

इसे DRAM के नाम से जाना जाता है, DRAM में डाटा मेमोरी सेल में स्‍टोर होता है, प्रत्‍येक मेमोरी सेल में एक ट्रांजिस्टर और एक कैपेसिटर होता है, जिसमें थोडा थोडा डाटा स्‍टोर किया जाता है लेकिन लगभग 4 मिली सेकेण्‍ड बाद मेमोरी सेल नियंत्रक मेमोरी को रिफ्रेश करते रहते हैं रिफ्रेश करने का अर्थ है कि वह डाटा को रीराइट करते हैं, इसलिये DRAM काफी धीमी होती है, लेकिन यह अन्य मेमोरी के मुक़ाबले कम बिजली खाती है और लंबे समय तक खराब नहीं होती है

2- सिंक्रोनस रैम (Synchronous RAM)

सिंक्रोनस रैम DRAM से ज्‍यादा तेज होती है वजह है कि यह DRAM से ज्‍यादा तेजी से रिफ्रेश होती है, सिंक्रोनस रैम CPU Clock Speed के साथ रिफ्रेश होती है, इसलिये ज्‍यादा तेजी से डाटा स्थानांतरित कर पाती है ।

3- स्‍टैटिक रैम (Static RAM)

इसे SRAM के नाम से जाना जाता है, Static RAM कम रिफ्रेश होती हैं लेकिन यह डाटा को मेमोरी में अधिक समय तक रख पाती है, यह डाटा को तब तक स्‍‍टोर रखती है जब तक सिस्‍टम को करंट मिलता रहता है यह बहुत तेजी से डाटा को Access करती है  स्‍टैटिक रैम (Static RAM) को जब तक रिफ्रेश नहीं तब तक डाटा स्‍टोर रहता है ।

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ROM क्या होती है और क्या रोम आपके कंप्यूटर के लिए उपयोगी होती है और इसके अलावा रोम कितने प्रकार की होती है तो आईये जानते हैं रोम क्या है और रोम के प्रकार -

 

रोम का फुल फॉर्म (rom full form) क्या है ?

ROM का फुल फॉर्म या पूरा नाम Read Only Memory होता है और जैसा कि इसके नाम से पता चलता है इसमें स्‍टोर डाटा को केवल रीड किया जा सकता है उसे मिटाया या दोबारा नहीं लिखा जा सकता है ।

 रोम क्या है – What is ROM

कंप्यूटर में दो प्रकार की मेमोरी होती हैं प्राइमरी मेमोरी और सेकेंडरी मेमोरी, प्राइमरी मेमोरी में हमने आपको रैम के बारे में जानकारी दी थी रैम की तरह ही रोम भी कंप्यूटर की एक प्राइमरी मेमोरी है जिसे हम रीड ओनली मेमोरी (Read Only Memory) भी कहते हैं । रोम का प्रयोग कंप्यूटर में फर्म वेयर (Firmware) सॉफ्टवेयर को स्टोर करने के लिए किया जाता है फर्म वेयर (Firmware) सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में उस समय इंस्टॉल किए जाते हैं जिस समय उनको फैक्ट्री में बनाया जाता है ।

रोम की विशेषता Characteristic of Read-Only Memory

कंप्यूटर की पावर ऑफ करने के बाद भी ROM के कंटेंट डिलीट नहीं होते हैं और इसी वजह से रोम को नॉन वोलेटाइल भी कहा जाता है नॉन वोलेटाइल ऐसी मेमोरी को कहा जाता है जिनमें डाटा लाइट जाने के बाद भी नष्ट नहीं होता है । यानि रोम भी एक नॉन वोलेटाइल मेमोरी (non-volatile memory) है । रोम में स्थित डाटा को ना तो परिवर्तित किया जा सकता है और ना ही बदला जा सकता है, अगर बदलने की जरूरत भी हो तो इसमें बहुत कठिनाई होती है रोम में कोई भी डाटा या प्रोग्राम यूजर के द्वारा नहीं लिखा जाता है इसमें जो भी प्रोग्राम इंस्टॉल किए जाते हैं जैसे कि फर्म वेयर (Firmware) उन्हें मैन्युफैक्चरिंग के समय ही इसमें इंस्टॉल कर दिया जाता है यानी रोम में स्थाई तरह के प्रोग्राम और अन्य सूचनाओं को स्टोर किया जाता है जिन्हें कभी भी बदला नहीं जा सकता है अगर बदला भी जाएगा तो एक विशेष प्रकार के सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होगी । 

रोम के प्रकार – Types of ROM

ROM 3 प्रकार के होते हैं जो कि इस प्रकार हैं-

(1) PROM

(2) EPROM

(3) EEPROM

(1) PROM – (PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

यह एक ऐसी ROM होती है जिसमें प्रोग्रामों की सहायता से सूचनाओं को ROM में स्थाई रूप से स्टोर कर दिया जाता है और PROM की एक विशेषता होती है इसे केवल एक ही बार प्रोग्राम किया जा सकता है और प्रोग्राम करने के बाद इसको इरेज़ नहीं किया जा सकता है और ना ही प्रोग्राम को अपग्रेड किया जा सकता है ।

(2) EPROM-(ERASABLE AND PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

ई पी रोम एक ऐसी मेमोरी होती है जिसे इरेज़ किया जा सकता है और दोबारा से प्रोग्राम भी किया जा सकता है जब ई पी रोममें कोई प्रोग्राम स्टोर किया जाता है तो उसे चिप में ही रखी गई विद्युत धारा द्वारा स्थाई रखा जाता है ई पी रोम के अंदर विद्युत धारा से चार्ज करके प्रोग्राम स्टोर किए जाते हैं जो चार्ज इस चिप में डाला जाता है वह 10 वर्षों से भी अधिक समय तक रहता है क्योंकि उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलता है अगर ई पी रोम स्टोर प्रोग्रामों को हटाना हो या मिटाना हो तो अल्ट्रावायलेट लाइट (Ultraviolet light) का प्रयोग करके ही मिटाया जा सकता हैलगभग 40 मिनट तक अल्ट्रावॉयलेट लाइट का इस्तेमाल किया जाता है इस रोम को इरेज़ करने के लिए ।

(3) EEPROM-(ELECTRICALLY ERASABLE AND PROGRAMABLE READ ONLY MEMORY)

ई ई पी रोम कि यह खासियत होती है कैसे 10000 बार इरेज़ किया जा सकता है और प्रोग्राम किया जा सकता है इसको प्रोग्राम करने में और इरेज करने में लगभग 10 मिली सेकंड का समय लगता है ई ई पी रोम एक ऐसी रोम है जिसे फिर से प्रोग्राम करने के लिए सर्किट से हटाने यह निर्माता के पास भेजने की कोई जरूरत नहीं है कोई एक विशेष सॉफ्टवेयर द्वारा इसे कंप्यूटर में ही प्रोग्राम किया जा सकता है ।



हम यहाँ कंप्यूटर से सम्बंधित जानकारिया सरल शब्दों में आप तक ब्लॉग के माध्यम से लाते रहेंगे,अगर आप कंप्यूटर से संबंधित कोई अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो ब्लॉग के निचे कमेन्ट कर के बता सकते है। 

ब्लॉग पर हमारे साथ बने रहने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्। 


आपका अपना 

तेजकमल कम्प्यूटर्स (क्षिप्रा)

TEJKAMAL COMPUTERS (KSHIPRA)

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Monday, May 24, 2021

Computer basic information - कंप्यूटर की सामान्य जानकारी !

हेलो दोस्तों,


तेजकमल कम्प्यूटर्स ब्लॉग में आपका स्वागत है।  हमारे दैनिक जीवन में कंप्यूटर का उपयोग बहुत बढ़ गया है, आज लगभग सभी क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग होता है, आज हम सीखते हैं कंप्यूटर के आइकॉन और उनके प्रकार के बारे में ! जब आप पहली बार Computer को On करते हैं तो वहां पर आपको विभिन्नि प्रकार के Graphical Icon दिखाई देते हैं जिस पर Click करके आप विभिन्‍न Software और Program को चला सकते हैं आज हम जानने वाले Desktop पर दिखाई देने वाले Icon और Shortcut के बारे में ! कम्‍प्‍यूटर के आइकन और उनके प्रकार - Computer Icons And Their Types



आइकन के प्रयोग की शुरूआत -  History Of Computer Icons 

शुरूआती दौर में Computer में Icon का Use नहीं किया जाता था Computer Console Mode में काम करता था जहां पर केवल Keyboard के द्वारा की Command दी जाती थी वर्तमान में Computer जैसा दिखाई देता है वैसा नहीं होता था Mouse का इस्‍तेमाल नहीं किया जाता था ये Operating System आज के Operating System से काफी अलग होते थे यह Operating System (CUI) यानी Character User Interface पर आधारित होते थे जैसे MS DOS.

लेकिन जब से Graphical User Interface यानी GUI Based Operating System आये तब से उनमें Icon का प्रयोग किया जाने लगा Microsoft का पहला GUI Based Operating System विंडोज 1.0 1985 में Release किया गया था इसके बाद Window 95, 98 में पूरी तरह से प्रयोग किया जाना लगा जिसमें आप माउस (Mouse ) की सहायता से Computer को Operate कर सकते थे जिसमें अलग-अलग Application Software के लिए अलग-अलग Icon होते थे !

आइकन क्‍या होता है (What is an icon) 

Icon एक Graphical object होता है जो Computer में किसी Software, Application, Folder, File आदि को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है इन सभी Icon के अलग-अलग Function होते हैं आइये जानते हैं Computer के विभिन्‍न प्रकार और उनके बारे में -

सिस्‍टम आइकन (System Icon)

प्रोग्राम आइकन (Program Icon)

शार्टकट आइकन (Short Cut)



सिस्‍टम आइकन (System Icon)

System Icon Desktop की Screen पर Left में Display किये जाते हैं जो Operating System द्वारा Automatic Creator किये जाते हैं System Icon के अलग-अलग Function होते हैं आइये जानते हैं System Icon और उनके Function के बारे में 

माई कम्‍प्‍यूटर आइकन (My Computer Icon)

माय कंप्यूटर क्या है - 

My Computer Icon Desktop पर सबसे उपर Left में दिया होता है जब आप इसपर Click करते हैं तब Windows Explorer Open हो जाता है जिसमें Computer से जुडे सभी Resources जैसे Hard Disk Drive के Partition, My Document, Music Folder, Picture Folder के अलावा Network Drive, Share Folder दिखाई देते हैं 

इसके साथ ही अगर आपने Computer से कोई USB Drive Connect की है कोई CD या DVD Rom Connect की है तो वह भी आपको वहां पर दिखाई देती है चूंकि ये सारे Icon System द्वारा Generated किये जाते हैं इसलिए इनके साथ किसी भी प्रकार की छेडखानी करने से Data loss हो सकता है इन Icon को Delete या Format नहीं करना चाहिए ये Icon बहुत महत्‍वपूर्ण Icon होते हैं 

माय डॉक्यूमेंट क्या है - My Document Icon

जब आप इस Icon पर Click करते हैं तो यहां आपके Computer में Save Documents को दर्शाता है System की ओर से By Default किसी भी File को Save करने के लिए My Document को ही Set किया गया है 

माय नेटवर्क प्लेस क्या है My network place

यदि आपका Computer किसी Network से जुडा है तो यहां पर आपको अपने Work Group के प्रत्‍येक Server और Computer का नाम दिखाई देगा अगर कोई Media Drive Network से Connect की गई है तो वह भी आपको यहां पर दिखाई देगी Computer के नाम पर Click करते ही उससे जुडे Shared Folder और Shared Printer Device भी दिखाई देने लग जायेंगे 

इण्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोअर (Internet Explorer)

Microsoft Windows द्वारा By Default Internet Explorer को जिसे वर्तमान में Microsoft Edge के रूप में जाना जाता है को Default Internet Browser के रूप में दिया गया होता है जिसका प्रयोग आप Internet Surfing के लिए कर सकते हैं 

रिसाइकिल बिन (Recycle Bin)

रीसायकल बिन क्या है - Recycle Bin Operating System द्वारा बनाया गया बहुत महत्‍वपूर्ण Icon होता है जब आप अपने Computer से कोई File या Folder Delete करते हैं तो Recycle Bin इन Deleted Files और Folder को अपने अंदर रखता है असल में यह Office में रखे Paper Basket की तरह दिखाई देता है



यदि आप चाहें तो जिन File और Folder को आपने Delete किया है उन्‍हें Recycle Bin से पुन: प्राप्‍त किया जाता सकता है इसके लिए Recycle Bin के Icon पर Click करना होता है और जितनी File या Folder को पुन: प्राप्‍त (Restore) करना होता है उस पर Right Click करके Restore कर लिया जाता है Recycle Bin को खाली करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि कोई ऐसी File तो नहीं है जिसकी आपको जरूरत है क्‍योंकि Recycle Bin से File, Folder Delete होने के बाद पुन: प्राप्‍त नहीं किये जा सकते हैं 

शार्टकट आइकन (Shortcut Icon)

Shortcut Icon देखने में बिल्‍कुल एक सामान्‍य Icon जैसे दिखते हैं लेकिन इनके निचले Right कौने पर एक छोटा Icon बना होता है जो यह बताता है कि यह मूल Icon नहीं है एक Shortcut है मान लीजिये आपने Computer में कहीं कोई एक File Save की है तो उसे Open करने के लिए आपको Drive में बार-बार जाना होगा लेकिन यदि आप उस मूल File का Shortcut Desktop पर बना लेते हैं !
तब आपको केवल Desktop के Shortcut पर Click करना है और आप उस File पर पहुंच जायेंगे Shortcut File की मुख्‍य Location का पता बताता है वह मूल File नहीं होता है बहुत से लोग Shortcut को ही मूल File समझ लेते हैं और उसे ही Copy तथा Past करने लग जाते हैं या फिर Shortcut को Delete करने से समझ लेते हैं कि मूल File Delete हो गई लेकिन ऐसा नहीं है !

प्रोग्राम, फोल्‍डर और डाक्‍यूमेट आइकन (Program, Folder And Document Icon)

बहुत सारे मूल Program और System Icon File और Folder सीधे Desktop पर बनाये जाते हैं Shortcut और मूल Icon में एक छोटा सा अन्‍तर होता है कि इनके नीचे कोई भी Arrow नहीं होता है इन Program या Folder को Delete करने पर मूल File भी Delete हो जाती है इसलिए Desktop पर बने ऐसे File और Folder के Icon को Delete करने से पहले एक बार Check कर लें कहीं वह मूल File तो नहीं है 

स्‍टार्ट बटन आइकन (Start Button Icon)

Microsoft Windows में Taskbar में Windows लोगो के साथ Start Button दिया गया होता है जिसपर Click करने पर Start Menu Open होता है 
जहां पर Computer के सभी Program और Application Display होते हैं साथ ही Computer को Shutdown, Restart और Log Off करने के लिए भी Start Menu में Options दिये गये होते हैं Start Button भी System की तरफ से भी Generate होता है !




हां तो दोस्तों बताइए कि आपको यह जानकारी कैसी लगी,अगर अच्छी लगी हो तो अपने कमेंट शेयर जरूर करें और अपने दोस्तों से भी यह जानकारी शेयर जरूर करें, हम आगे भी ऐसी ही नवीनतम जानकारी आपके लिए लाते रहेंगे ! धन्यवाद !


आपका अपना 

तेजकमल कम्प्यूटर्स, क्षिप्रा 

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